Weather department alert in Haryana, mercury drops due to rain, this weather will

हरियाणा में मौसम विभाग का अलर्ट, बारिश से गिरा पारा, 4 दिन रहेगा ये मौसम

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Weather department alert in Haryana, mercury drops due to rain, this weather will

फरवरी माह के मध्य में जहां तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों को समय से पहले गर्मी का अहसास कराना शुरू कर दिया था, वहीं बुधवार सुबह करीब 8 बजे से शुरू हुई बारिश ने मौसम का मिजाज अचानक बदल दिया। रोहतक जिला मुख्यालय सहित सांपला, महम, कलानौर और लाखनमाजरा क्षेत्र में हुई बूंदाबांदी ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई और ठंडी हवाओं ने एक बार फिर सर्दी का एहसास लौटा दिया।

पिछले कुछ दिनों से जिले का अधिकतम तापमान लगातार बढ़ रहा था। दोपहर के समय पंखे चलाने तक की नौबत आ गई थी। हालांकि बुधवार को हुई बारिश के बाद अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन इसके साथ ही खेती, स्वास्थ्य और स्थानीय कारोबार पर मिश्रित प्रभाव देखने को मिले।

मौसम विभाग के अनुसार बारिश का सकारात्मक असर पर्यावरण पर स्पष्ट दिखा। धूल के कण जमीन पर बैठ जाने से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार दर्ज किया गया। सुबह के समय वातावरण पहले की तुलना में अधिक स्वच्छ और ताजगी भरा महसूस हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की हल्की बारिश प्रदूषण नियंत्रण में सहायक साबित होती है।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो रोहतक और सांपला क्षेत्र में 6-6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि महम में 2 मिलीमीटर, कलानौर और लाखनमाजरा में 1-1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि यह बारिश तेज नहीं थी, लेकिन लगातार बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया।

इधर सरसों की पकती फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फिलहाल खेतों में सिंचाई पूरी तरह बंद रखने की सलाह दी है। तेज हवा और अधिक नमी के कारण सरसों की फसल गिरने का खतरा रहता है, जिससे पैदावार पर असर पड़ सकता है। इस समय यूरिया या अन्य खादों का छिड़काव भी नुकसानदायक हो सकता है। नमी बढ़ने से सरसों में चेपा (एफिड) जैसे कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई गई है। किसानों को नियमित रूप से फसल का निरीक्षण करने और जरूरत पड़ने पर कृषि विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

मौसम के इस अचानक बदलाव ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता भी बढ़ा दी है। तापमान में गिरावट से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे गले में संक्रमण, खांसी और वायरल बुखार के मामले बढ़ सकते हैं। हवा में नमी बढ़ने और पराग कण सक्रिय होने से दमा और सांस संबंधी रोगों से पीड़ित बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों ने सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनने, ठंडी चीजों से परहेज करने और बच्चों को विशेष रूप से सुरक्षित रखने की सलाह दी है।

बारिश का असर स्थानीय व्यापार पर भी साफ नजर आया। रोहतक और आसपास के शहरी बाजारों का कारोबार काफी हद तक ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहकों पर निर्भर करता है। सुबह से हुई बारिश और दिनभर की बूंदाबांदी के कारण ग्रामीण अंचल से लोग खरीदारी के लिए शहर नहीं पहुंच सके। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और दुकानों पर इक्का-दुक्का ग्राहक ही दिखाई दिए। रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले और खुले में व्यापार करने वाले छोटे दुकानदारों का कामकाज दिनभर प्रभावित रहा। व्यापारियों का कहना है कि शादी-ब्याह के सीजन के बीच इस तरह की बारिश से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद एहतशाम का अनुमान है कि आने वाले 24 से 48 घंटों तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और शीतल हवाओं का दौर जारी रहेगा। हालांकि भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन हल्की बूंदाबांदी से इनकार नहीं किया जा सकता।

जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक मौसम के इस बदलाव ने जीवन की रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी जरूर कर दी है। एक ओर जहां प्रदूषण से राहत और ठंडक ने लोगों को सुकून दिया है, वहीं किसानों, व्यापारियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए यह स्थिति सतर्कता की मांग भी कर रही है। मौसम का यह यू-टर्न फिलहाल राहत और चिंता—दोनों का संदेश लेकर आया है।